CIBIL score update: क्रेडिट स्कोर पर बड़ा अपडेट: अब लोन अप्रूवल होगा पहले से ज्यादा आसान

भारत में CIBIL स्कोर का मौजूदा अपडेट कई सालों में स्कोर में हुए सबसे बड़े सुधारों में से एक है। इन बदलावों का मकसद रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) और क्रेडिट रिपोर्टिंग सिस्टम है, जिनका मकसद यह पक्का करना है कि क्रेडिट स्कोर ज़्यादा सटीक हों, उन्हें जल्दी बदला जा सके और वे उधार लेने वालों और उधार देने वालों दोनों के लिए फ़ायदेमंद हों।

CIBIL स्कोर क्या है?

CIBIL स्कोर 3 डिजिट का नंबर होता है, जिसमें 300 से 900 आपकी क्रेडिट योग्यता का इंडिकेटर होता है। इसका इस्तेमाल बैंक और NBFC जैसे उधार देने वाले लोन, क्रेडिट कार्ड और दूसरे फ़ाइनेंशियल प्रोडक्ट देने के लिए करते हैं। स्कोर जितना ज़्यादा होगा, लोन अप्रूवल मिलने की संभावना उतनी ही ज़्यादा होगी, और ब्याज़ दरें भी उतनी ही अच्छी होंगी। पहले, यह स्कोर हर एक महीने में उधार देने वालों की दी गई जानकारी के हिसाब से बदला जाता था।

2026 में क्रेडिट स्कोर अपडेट तेज़ी से होंगे।

आपकी क्रेडिट हिस्ट्री कितनी बार अपडेट हुई है, यह 2026 में होने वाले सबसे ज़रूरी बदलावों में से एक है। पहले, लेंडर हर महीने CIBIL को लोन रीपेमेंट और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल जैसा क्रेडिट डेटा सबमिट करते थे। RBI के नए बदलावों का असर यह है कि लेंडर अब ज़्यादा बार जानकारी शेयर करने के लिए मजबूर हैं, और इसलिए आपका क्रेडिट स्कोर आपके फाइनेंशियल व्यवहार को बहुत तेज़ी से दिखाता है।

नए सिस्टम में अपडेट इस तरह काम करते हैं: हर दो महीने में रिपोर्टिंग: बैंक और NBFC अब हर दो हफ़्ते में, आमतौर पर 15 तारीख और महीने के आखिरी दिन क्रेडिट जानकारी रिपोर्ट कर रहे हैं। जल्दी जवाब: क्रेडिट ब्यूरो रिपोर्ट की गई जानकारी को तेज़ी से प्रोसेस करते हैं; इसलिए समय पर EMI पेमेंट या लोन अप्रूवल आपके स्कोर में जल्दी दिखेंगे। जल्द ही वीकली रिपोर्ट: यह प्रपोज़ किया गया है कि कुछ ड्राफ़्ट गाइडलाइंस के साथ, अप्रैल-जुलाई 2026 तक वीकली रिपोर्टिंग में बदलाव किया जाना चाहिए, जिससे क्रेडिट रिपोर्ट और भी ज़्यादा समय पर मिल सकें।

यह आपके लिए क्यों ज़रूरी है

तेज़ अपडेट के कई फ़ायदे साफ़ तौर पर देखे जा सकते हैं:

बेहतर लोन अप्रूवल: आपके पास बेहतर रेट पर होम लोन, कार लोन या पर्सनल फाइनेंस मिलने का अच्छा मौका है क्योंकि अच्छा क्रेडिट व्यवहार पहले देखा जाएगा। सही क्रेडिट रिपोर्ट: आपको अपने मौजूदा फाइनेंशियल व्यवहार की ज़्यादा सही रिपोर्ट मिलेगी, न कि पुराना डेटा। जल्दी सुधार: अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों या पुरानी जानकारी को समय पर पहचानना और तेज़ी से सुधार करना मुमकिन है। इससे क्रेडिट स्कोरिंग ज़्यादा ट्रांसपेरेंट होगी और 2026 में पैसे उधार लेना आसान हो जाएगा।

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